बहराइच : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 01 जनवरी 2026 के आधार पर संचालित विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम निर्धारित समयसारिणी के अनुसार 04 दिसम्बर 2025 बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का मतदाताओं को वितरण किये जाने तथा भरे हुए प्रपत्रों को प्राप्त कर समय से डिजिटाइजेशन का कार्य सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जिला स्तरीय अधिकारियों को पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अन्तर्गत बूथ लेबिल अधिकारी के स्तर पर की जा रही कार्यवाही की सत्त निगरानी हेतु एक जिला स्तरीय अधिकारी को 20-20 बूथ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एस.आई.आर. की निगरानी हेतु नामित किये गये अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि प्रत्येक सुपरवाईजर के अधीन लगभग 10 बी.एल.ओ. कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक जिला स्तरीय अधिकारियों को 02 सुपरवाईजर्स जिसके अधीन लगभग 20 बीएलओ आते हैं की निगरानी का टास्क सौंपा जा रहा है। डीएम ने कहा कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी अर्ह युवाओं का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और कोई भी अनर्ह व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न होने पाए। डीएम ने कहा कि एस.आई.आर. लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुदृढ़ करने का हिस्सा है।
डीएम ने कहा कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए नामित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। डीएम ने कहा कि सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक मतदाता तक गणना प्रपत्र समयबद्ध रूप से पहुंचे तथा भरे हुए प्रपत्र प्राप्त भी किये जायें।
उन्होंने नामित अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र का भ्रमण करें तथा नियमित रूप से सुपरवाईजर व बीएलओ के साथ सम्पर्क में रहकर डे-बाई-डे की प्रगति लेते रहें। यदि कहीं पर सुपरवाइजर व बीएलओ के स्तर पर कोई समस्या आ रही है तो उसका भी समाधान करायेंगे। डीएम ने कहा कि निर्वाचन जैसे कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
सभी अधिकारी को विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण को शीर्ष प्राथमिकता पर सौंपे गये उत्तरदायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करेंगे। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अमित कुमार, डीडीओ राज कुमार, पीडी डीआरडीए मनीष कुमार, आईसीडीएस विभाग व अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
