बहराइच : जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि मखाना की गुणवत्ता उसकी सफेदी, अखंडता (टूटे हुए न हों) और पोषक तत्वों से भरपूर होने (कैल्शियम, प्रोटीन, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स) पर निर्भर करती है, अच्छी गुणवत्ता वाले मखाने हल्के, कुरकुरे और बिना दाग के होते हैं, जो हड्डियों, हृदय और पाचन के लिए फायदेमंद है।
मखाना की गुणवत्ता को देखते हुए उद्यान विभाग, उत्तर प्रदेष द्वारा मखाने की खेती को प्रोत्साहित किये जाने के उद्देश्य से एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनान्तर्गत सम्मिलित किया गया है। जनपद बहराइच में मखाना की खेती को बढ़ावा दिये जाने के उद्देश्य से एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनान्तर्गत लक्ष्य की माँग की गई है, जिसके अन्तर्गत रू. 80,000.00 प्रति हे. की दर से अनुदान अनुमन्य है।
उन्होनें बताया कि मखाना की खेती मुख्य रूप से पानी में सिंघाड़ें की भाँति की जाती है। मखाना की बाजार में अच्छी मॉग है और इसके बाजार में अच्छे दाम भी है।
जल भराव वाले क्षेत्र में मखाना की खेती अधिक लाभकारी है। मखाना की खेती पर लाभ प्राप्त करने के लिए किसान भाई आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी, पासपोर्ट साइज फोटो एवं मोबाइल नम्बर की सहायता से उद्यान विभाग के पोर्टल डीबीटी, uphorticulture.com पर पंजीकरण स्वयं/ जनसेवा केन्द्र से कर सकते है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय अवधि में सम्पर्क कर सकते हैं।
